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बैतूल से चांदूर बाजार तक नई रेलवे लाइन जल्द बिछाई जाना है। इसके लिए रेलवे द्वारा तय कंपनी ने प्रारंभिक सर्वे का काम शनिवार से शुरू कर दिया है। यह लाइन बिछने के बाद जिले के 2 बड़े नगर बैतूल बाजार और आठनेर रेलवे के नक्शे पर आ जाएंगे। इसके साथ ही महाराष्ट्र के विभिन्न नगरों तक आवाजाही में सहूलियत होगी। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मुम्बई और अमरावती के लिए सीधी ट्रेन मुहैया हो जाएंगी।

बैतूल से चांदूर बाजार के लिए रेलवे लाइन बिछाने की पूर्व में हुई घोषणा को जमीन पर लाने के लिए रेलवे द्वारा प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। इसके लिए रेलवे ने सिकंदराबाद की माथाट्रेक इंफ्राटेक कंपनी को फील्ड सर्वे का जिम्मा सौंपा है। इस कंपनी के इंजीनियर रामबाबू और ट्रेनी लिंग्या ने गोरखपुर एक्सप्रेस से बैतूल पहुंच कर अपना काम आज से शुरू कर दिया है। यह कंपनी जीपीएस और गूगल मेप के आधार पर प्रस्तावित लाइन के लिए विभिन्न स्थानों की समुद्र तल से ऊंचाई और भौगोलिक स्थिति का सर्वे कर रही है। कंपनी को एक माह में सर्वे रिपोर्ट डिप्टी चीफ इंजीनियर (कंस्ट्रक्शन) नागपुर को सौंपना है। इसके बाद 2-3 सर्वे और होंगे। कंपनी के इंजीनियर रामबाबू ने बताया कि रेलवे ने उन्हें बैतूल से चांदूरबाजार के बीच का 75 किलोमीटर की लंबाई का सर्वे करने का जिम्मा सौंपा है। एक माह में सर्वे का कार्य पूरा करना है।                                   

आठ रेलवे स्टेशन प्रस्तावित

इस प्रस्तावित रेलमार्ग पर 8 स्टेशन रहेंगे। इनमें बैतूल, बैतूलबाजार, बोरपानी, आठनेर, मेघनाथ ढाना, बेलकुंड, ब्राह्मणवाड़ा और चांदूर बाजार शामिल हैं। इनमें जिले में 6 स्टेशन रहेंगे। यह रेलमार्ग ताप्ती और मारू नदी क्रॉस करेगा। एक जगह नेशनल हाईवे 47 भी क्रॉस करेगा। खास बात यह है कि कहीं पर भी आबादी वाला क्षेत्र इस रेलमार्ग से प्रभावित नहीं होगा। सभी जगह इसे आबादी से थोड़ी दूर से ले जाया जाएगा।

इतनी राशि का होगा खर्च

इस रेलवे लाइन को बिछाने में समतल क्षेत्र में 10 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर और पहाड़ी क्षेत्र में 15 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर का खर्च आने की संभावना है। मेंढा छिंदवाड़ और हीरादेही गांव के बीच में 9 किलोमीटर क्षेत्र में पहाड़ी क्षेत्र में होने से इतनी लम्बाई की टनल बनाई जाएगी। हालांकि यह प्रारंभिक सर्वे है और कार्य शुरू होने में अभी कई साल लग सकते हैं। सर्वे ने यह संकेत दे दिए हैं कि रेलवे ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।

रेलवे लाइन से यह होंगे लाभ

जिले का बैतूल और आठनेर ब्लॉक का एक बड़ा हिस्सा सीधे रेल मार्ग से जुड़ जाएगा। इन क्षेत्रों के कई गांव ऐसे हैं जहां बस भी आवागमन के लिए मुहैया नहीं है। अब यह रेल से सफर कर सकेंगे। आठनेर के हिड़ली के बाद के गांवों के लोग महाराष्ट्र के नगरों में जाने बस या आटो पकड़ने के लिए हीरादेही तक पैदल जाते हैं।

आठनेर ब्लॉक के अधिकांश गांवों के लोग उपचार और खरीद-फरोख्त के लिए महाराष्ट्र के परतवाड़ा, मोर्शी, अमरावती पर निर्भर हैं। कई बार इन्हें पूरा दिन लग जाता है तो कई बार रात ठहर कर दूसरे दिन आना पड़ता है। ट्रेन शुरू होने से आना-जाना आसान हो जाएगा। सुबह जाकर शाम तक वे वापस लौट सकेंगे।
महाराष्ट्र के विदर्भ की व्यवसायिक राजधानी माने जाने वाले अमरावती से जिले के व्यवसायियों के कारोबारी संबंध हैं। अभी अमरावती 200 किलोमीटर दूर पड़ता है। इस ट्रैक के बिछ जाने से इसकी दूरी आधी होकर मात्र 100 किलोमीटर हो जाएगी। चांदूर बाजार से अमरावती लगभग 35 किलोमीटर ही दूर है।

बेतुल को मिलेगा लाभ

 सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बैतूल शहर मुम्बई से सीधा जुड़ जाएगा। अभी मुम्बई के लिए नागपुर या इटारसी जाकर ट्रेन पकड़ना हो ता है। इस ट्रैक से मुम्बई के लिए सीधी ट्रेन उपलब्ध हो जाएगी। दूरी भी कम हो जाएगी। इटारसी-मुम्बई मार्ग से दबाव कम करने कुछ ट्रेनों को इस रूट से चलाया जा सकता है।

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