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| Pic credit - Navbharat Times |
भारत की स्टार वेट लिफ्टर मीराबाई चानू ने भारत को पहला पदक दिलाया। चानू ने 49 किलोग्राम कैटेगरी में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। चानू का सफर बहुत ही मुश्किलों भरा रहा था। खासतौर पर 2016 रियो ओलिंपिक के बाद मीराबाई पूरी तरह से टूट चुकी थीं। हताश थीं और उनको लगर रहा था कि उनका सफर यहीं से खत्म हो जाएगा। मगर वो रुकीं नहीं और उसी का नतीजा था कि आज तोक्यो में पोडियम चानू चानू से गूंज उठा।
मीराबाई चानू एक दिन में नही मिली सफलता सालो की है मेहनत
मीराबाई चानू की सोशल मीडिया पर पोस्ट की गईं कुछ लाइंस यहां पर बहुत कुछ कहता है। उनकी कुछ लाइनें बयां कर रही हैं कि कैसे चानू ने खुद को यहां तक पहुंचने के लिए तैयार किया होगा। रियो की अप्रत्याशित असफलता के बाद 2018 में ये कुछ लाइंस उन्होंने पोस्ट की। सिल्वर मेडल के पीछे छिपे इस आयरन लेडी के हौसले को बयां करता है।
meerabai chanu - It takes effort, includes injuries, experiences failures....but the path to Success was never easy for anyone!!
मीराबाई चानू ने यही लाइंस पोस्ट की थीं। चानू उस वक्त ट्रेनिंग कर रहीं थीं। इन लाइंस का मतलब है... यह प्रयास मांगता है, इसमें चोटें शामिल हैं, असफलताओं का अनुभव होता है ....लेकिन सफलता की राह कभी भी किसी के लिए आसान नहीं होती !
