Betul News : समाज सेवा के क्षेत्र मेंं पिछले कई वर्षो से अपना उल्लेखनिय योगदान देते आ रहे डागा फॉउनडेशन ने वर्ष 2015 में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों में शिक्षा की अलख जगाने के लिए अपने कदम आगे बढ़ाए थे। जो आज ऐतिहासिक कदम की ओर अग्रसर होने लगे है। फॉउनडेशन की कड़ी मेहनत और ग्रामीण बच्चों की उत्साह का ही नतीजा है जो आज डागा फॉउनडेशन की कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले बच्चें खुद इतिहास रच रहे है। ऐसे ही प्रतिभावान च्चों को उत्साहित करने और उन्हें सम्मानित करने के उद्देश्य से डागा फॉउनडेशन द्वारा स्व. श्रीमति कमला बाई डागा, स्व. श्री प्रमोद कुमार जी डागा एवं पूर्व विधायक स्व. श्री विनोद कुमार जी डागा की स्मृति में प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित करने के उद्देश्य से जैन दादावाड़ी में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बतोर मुख्य अतिथि बैतूल कलेक्टर अमन बीर सिहं बैस विशेष अतिथि सेवा निवृत जिला शिक्षा अधिकारी पी.आर. कोसे, शिक्षा विद् एवं प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. कांत दिक्षित, सेवा निवृत सहायक जिला शाला निरीक्षक पीसी सुराना विशेष रूप से उपस्थित हुए । कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर समस्त अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम की शुरूवात की गई। तत्पश्चात डागा फॉउनडेशन के संरक्षक एवं बैतूल विधायक निलय डागा एवं डागा फॉउनडेशन की डायरेक्टर श्रीमती दीपाली निलय डागा ने सभी अतिथियों का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया। इस कार्यक्रम में उन 14 ग्रामीण बच्चों को लेपटॉप देकर सम्मानित किया गया जिन्होंने 10वीं और 12वीं की परिक्षाओ में 95 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर उल्लेखनिय सफलता प्राप्त की है। इन बच्चों ने अपनी सफलता का सारा श्रेय डागा फॉउनडेशन की कड़ी मेहनत और कोचिंग सेंटरों में अध्यन कराने वाले शिक्षक और शिक्षिकाओं को दिया है।
5 सेंटरों से 74 सेंटरों तक का सफर: दीपाली डागा
सर्वप्रथम डागा फॉउनडेशन की डायरेक्टर श्रीमती दीपाली निलय डागा ने फॉउनडेशन का प्रतिवेदन प्रस्ततुत करते हुए पिछले 6 वर्षो के दौरान फॉउनडेशन की शुरूआत से लेकर अभी तक का सफर अतिथियों के सामने रखा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक और उत्साहित करने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में डागा फॉउनडेशन का सफर वर्ष 2015 से शुरू किया गया था। शुरूआत में कुछ ग्र्रामीण ईलाको में कुल 5 सेंटर शुरू किए गए। और ग्रामीण बच्चों को उत्कृष्ठ शिक्षा दिए जाने के लिए शिक्षकों की व्यवस्था भी की गईर्। पालकों के साथ साथ बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह उत्पन्न करने की कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई और यही वजह है कि डागा फॉउनडेशन ने इन 6 वर्षो के दौरान ही अपने कोचिंग सेंटरों की संख्या 5 से बढ़ाकर 74 कर दी आज जिले के विभिन्न ब्लॉकों के ग्रामीण ईलाको में फॉउनडेशन द्वारा बच्चों को उच्च शिक्षित बनाए जाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है। बच्चें भी अपना पूरा उत्साह दिखा रहे है। और डागा फॉउनडेशन के ही प्रयास का नतिजा है कि फॉउनडेशन के कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले लगभग 40 हजार बच्चे एक निश्चित मुकाम पर पहुंच चुके है। श्रीमती डागा ने बताया कि इतना करने के बाद बच्चों में कॉम्पीटेटिव परीक्षा फेस करने की भी डिमांड देखी गई जिसके लिए फॉउनडेशन की ओर से व्यवस्थाऐं शुरू की गई है। श्रीमती डागा ने बताया कि बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह जगाने के लिए जो प्रयास किए जा रहे है। उसके अलावा बच्चों को उत्साहित करने में उनके पालकों का भी विशेष योगदान रहा है। आज 90 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले बच्चों को लेपटॉप देकर सम्मानित करने के पूर्व उनके पालकों को पहले सम्मान दिया जा रहा है। जिन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर उनमें जिज्ञासा उत्पन्न करने के साथ साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित भी किया। जो फॉउनडेशन केे लिए गर्व का विषय है
कठिन राह से ना घबराएं बच्चे: कलेक्टर
कार्यक्रम का संबोधित करते हुए बैतूल कलेक्टर अमन बीर ङ्क्षसह बैस ने सबसे पहले डागा फॉउनडेशन के इस प्रयास को लेकर फॉउनडेशन से जुड़े पदाधिकारियों समेत समस्त स्टॉफ को शुभकामनाऐं प्रेषित की। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जीवन में कभी भी किसी कार्य को करने से पहले एक उद्देश्य बनाना जरूरी रहता है। किसी लक्ष्य को प्राप्त करने में कठिनाइयों का विशेष योगदान रहता है। देखने में आता है कि कभी कभी कुछ बच्चे इन समस्याओं के सामने आने के बाद अपने लक्ष्य से भटकने लगते है क्योंकि जिस विषय को लेकर वे आगे बढ़ने चाहते है। उस लक्ष्य को प्राप्त करने में अक्सर समस्याऐं लक्ष्य को भटकाने में सहायक सिद्ध होती हैं। लेकिन बच्चों को इस तरह की कठिनाईयों और समस्याओं से बिलकुल भी घबराना नहीं चाहिए। यदि प्रत्यक बच्चा अपने मन में यह ठान ले तो यह तय है कि जिस लक्ष्य को लेकर बच्चा काम कर रहा है एक ना एक दिन उसे जरूर हासिल कर ही लेता है। बच्चों को आराम से, शांति से और सोच समझ कर निर्णय लेना चाहिए क्योंकि किसी भी प्रकार का लक्ष्य मुश्किल नहीं होता। कलेक्टर अमन बीर सिंह ने जीवन में सफलता हासिल करने के लिए बच्चों को कई प्रकार के टिप्स देते हुए कहा कि एजुकेशन के दौरान कई तरह के सवाल बच्चों के मन में उठते है। और पालकों को चाहिए कि अपने बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित तो जरूर करें लेकिन बच्चों में अनावश्यक दबाव कभी ना डाले क्योंकि कभी कभी मासूम मानसिकता पर इसका विपरित प्रभाव भी देखने को मिलता है। प्रत्येक सफल विद्यार्थी से मेरी यह अपील है कि वह अपने साथ साथ शिक्षा के प्रति अपने प्रत्येक सहपाठी को जरूर प्रोत्साहित करें जो इस पायदान पर आने में असमर्थता महसूस करते है। संबोधन के अंत में कलेक्टर द्वारा सभी बच्चों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाऐं प्रेषित की गई
पिता की प्रेरणा से मिली सफलता: निलय डागा
आम जनता को हमेशा अपने परिवार का सदस्य समझने वाली प्रेरणा का ही असर है कि आज डागा फॉउनडेशन ग्रामीण बच्चों की शिक्षा को लेकर लगातार सफलता की ओर बढ़ रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डागा फॉउनडेशन के संरक्षक एवं बैतूल विधायक निलय डागा थोड़े समय के लिए दुखी हो गए। उन्होंने कहा कि मेरे पिता के परलोक गमन के बाद यह डागा फॉउनडेशन का पहला कार्यक्रम है और कही ना कही उनकी कमी भी मुझे महसूस हो रही है, क्योंकि उन्ही की प्र्रेरणा का परिणाम है कि आज डागा फॉउनडेशन ग्रामीण बच्चों के लिए कुछ कर पाया है। श्री डागा ने बताया कि पिता हमेशा एक ही बात कहा करते थे कि आम जन हमारे परिवार का सदस्य होते है और उन्हें अपने घर का सदस्य समझ कर ही मदद करनी चाहिए और आज मुझे प्रसन्नता हो रही है कि मेरे पिता की प्रेरणा का ही परिणाम है कि आज इन बच्चों ने एक चेलेंच को स्वीकार किया और सफलता के झंडे गाड़ दिए । श्री डागा ने कहा कि हर एक को अपने परिवार का सदस्य समझने का ही नतीजा है कि पिछले 10 महीनों के दौरान आज सभी की ताकत मुझे मिली। जिसे में कभी नहीं भूल पाउंगा। जिसके लिए मैं यह उपस्थित सभी महानुभवोंं का ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ। श्री डागा ने बच्चों को संबोधित करते हुए उन्हें एक नसिहत भी दी है। श्री डागा ने बच्चों से गुजारिश भी की है कि आज आपने यदि किसी से मदद ली है और कल यदि आप किसी अच्छे मुकाम पर पहुंचोंगे तो मैं बच्चों से उम्मीद करूंगा कि आप भी किसी ना किसी कि मदद जीवन में जरूर करना। क्योंकि हमने समाज से कुछ लिया है तो समाज को देना भी जरूरी है। तभी एकता के साथ समाज आगे बढ़ेगा। जब सभी धर्म और जाति समाज के लोग एकता के साथ बैठ कर समाज के विकास की बात करते है तो एक नए समाज का निर्माण होता है
प्रतिभा का सम्मान सबका दायित्व: प. कांत्न दिक्षित
कार्यक्रम में बतौर विशेष अतिथि आमंत्रित किए गए प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं शिक्षा विद् पं. कांत दिक्षित ने अपने संबोधन में बताया कि प्रतिभाऐं दो प्रकार की होती है। प्रतिभा का चयन और प्रतिभा का प्रोत्साहन और संरक्षण और प्रतिभा का सम्मान यह हम सब का दायित्व है क्योंकि प्रतिभाऐं समाज के लिए ही है और यह कार्य डागा फॉउनडेशन बड़ी तत्परता से करता आ रहा है। प्रतिभाऐं हमेशा जिज्ञासू होती है। ज्ञान को प्राप्त करने की इच्छा का नाम ही जिज्ञासा है। एक तरफ जिज्ञासू होता है एक तरफ ज्ञाता होता है और दोनों के बीच ही ज्ञान का प्रवाह होता है। ये ज्ञान ही जब आचरण में बदलता है तो चरित्र बनता है। इससे ज्ञान सर्वोपरी बनता है। यहां सबसे बड़ी बात यह है कि मनुष्य में जिज्ञासा कूट कूट कर भरी हुई है बच्चें ही सबसे ज्यादा जिज्ञासू होते है औ तरह तरह के प्रश्र अपने पालकों से पूछते है। क्योंंकि उसके मन में बहुत सी चीजोंं को जानने की इच्छा दबी रहती है लेकिन हम कभी कभी जिज्ञासू के प्रति अन्याय दिखाते है जो ठीक नहीं है। वो जिज्ञासा ही थी कि जब बालक जेम्सबॉड ने केतली से उबलती हुई चाय से भाप निकलते देखी और समाज को भाप का इंचन का आविष्कार कर सामने लाया। वो जिज्ञासा ही थी कि न्यूटन ने दूनिया को गुरूत्वाकर्षण से परिचित कराया। कहने का मतलब है कि बच्चों में यह प्रवृत्ति प्रमुखता से पाई जाती है। मासूम मन जो देखता है उसके मन में तरह तरह के प्रश्न भी उत्पन्न होते है। और अगर इन प्रश्रों का जवाब बच्चों को मिलता रहता है तो आगे चलकर यही जिज्ञासा उनके ज्ञान के बढ़ाने में सक्षम साबित होती है। श्री दिक्षित ने कार्यक्रम में मौजूद समस्त प्रतिभावान बच्चों को अपनी शुभकामनाऐं देते हुए कहा कि जीवन में कोई भी काम कठीन नहीं होता यदि पूर्ण लगन और मेहनत से लक्ष्य को प्राप्त करने की कोशिश की जाए तो मेहनत व्यर्थ नहीं जाती
बैतूल में प्रतिभावों की कमी नहीं: विजेता चौबे
प्रतिभावान बच्चों के प्रोत्साहन को लेकर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेएच कॉलेज की प्राचार्या श्रीमती विजेता चौबे ने कहा कि बैतूल जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। मैं इस महाविद्यायल में लगभग 30 वर्षो से हूं हमारे महाविद्यायल में 80 प्रतिशत विद्यार्थी ग्रामीण अंचलों से है। उनमें बहुत प्रतिभाऐं है, लेकिन उनके सामने बहुत सारी समस्याऐं भी है। आज यहां यह देख कर बहुत प्रसन्नता हो रही है कि डागा फॉउनडेशन की ओर से छोटे से छोटे गांव में भी ग्रामीण बच्चों को नि:शुल्क शिक्षण दिया जा रहा है और छोटा सा लगाया गया एक पौधा निरंतर एक वट वृक्ष का रूप धारण करता जा रहा है। हमें लगता है कि डागा फॉउनडेशन का यह प्रयास एक निश्चित मुकाम तक पहुंचेगा और हमारे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाऐं जिले का नाम रोशन करेंगी
विद्यार्थियों को मिला स्वर्णिम अवसर : नीरजा यादव
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह थी कि कार्यक्रम में फॉउनडेशन की उस भूतपूर्व छात्रा का भी आमंत्रित किया गया था जो आज निरंतर सफलताओं की सीढ़ी चढ़ रही है। बैतूल ब्लॉक के छोटे से गांव कोदारोटी में रहने वाली छात्रा नीरजा यादव ने बतौर अध्यक्ष कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बताया कि डागा फॉउनडेशन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए एक स्वर्णिम अवसर बनकर उभरा है। हजारों बच्चे आज इस फॉउनडेशन की बदौलत एक निश्चित मुकाम हासिल कर चुके है और अभी भी लगभग 10 हजार बच्चे कोचिंग सेंटरों में अध्ययनरत है। उन्होंने बताया कि ग्राम कोदारोटी में कोचिंग संस्थान की व्यवस्था नहीं थी वहां कोचिंग सेंटर स्थापित किया गया। डागा फॉउनडेशन की मदद से जहां पूर्व में चार विद्यार्थी 95 प्रतिशत से अंक लेकर उतीर्ण हुए थे। वहीं हर्ष का विषय है कि आज हमारे गांव के लगभग 50 प्रतिशत बच्चे 90 प्रतिशत अंकों से उर्त्तीण हुए है
ग्रामों में दिख रहे फॉउनडेशन के प्रयास: पीआर कोसे
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी पीआर कोसे ने कहा कि अभी तक यह समझा जाता था कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की कमी है लेकिन इस मिथक को डागा फॉउनडेशन के प्रयास ने तोड़ कर रख दिया है। यह खुशी की बात है कि डागा फॉउनडेशन द्वारा जिले के विभिन्न ब्लॉकों के ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जा रहे कोचिंग सेंटरों मे पढ़ने वाले बच्चे 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर अपनी सफलता का परचम लहरा रहे है तो यह कहना गलत है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति जागरूकता नहीं है। श्री कोसे ने डागा फॉउनडेशन के समस्त पदाधिकारियों समेत विद्यार्थियों और शिक्षक शिक्षिकाओं को उनके उज्जवल भविष्य को लेकर शुभकामनाऐं पे्रषित की
सम्मान को देखें सम्मान की दृष्ट्री से: पीसी सुराना
प्रतिभावान सम्मान समारोह में बतौर विशेष अतिथि आमंत्रित किए गए पूर्व शिक्षक एवं समाजसेवी पीसी सुराना ने कहा कि निश्चित रूप से शिक्षा के क्षेत्र में डागा फॉउनडेशन उल्लेखनिय कार्य कर रहा है। आज प्रतिभावान सम्मान समारोह में सम्मानित किए जाने वाले बच्चों से मेरा आग्रह है कि इस सम्मान को कभी भी अहंकार के रूप में आत्मसात ना करें। इस सम्मान को अपनी एक उपलब्धी मानकर यह सुनिश्ति करें की ऐसे कई सम्मान जीवन में उनकी राह देख रहे है और उन्हीं सम्मानों को प्राप्त करने के लिए बच्चों की लगातार कोशिशे होनी चाहिए। क्योंकि कोई भी परिणाम अंकुरण में दिखाई देता है बीजा रोपण में नहीं। इसलिए बच्चों को हमेशा आगे बढ़़ने का प्रयास करते रहना चाहिए
इन बच्चों का किया सम्मान
जैन दादावाड़ी में आयोजित प्रतिभावान सम्मान कार्यक्रम के अंतर्गत 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ साथ उनके माता पिता को भी सम्मानित किया गया। जिन्होंने अपने बच्चों को शिक्षा के प्रति लगातार प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर प्रतिभावान विद्यार्थी निधि धोटे, तरुण मालवीय, मनीषा उत्तमराव धोटे, मुस्कान लखनलाल मालवीय, हर्षिता मायवाड़, तुषार धोटे, अनिकेत मायवाड़, सौरभ साहू, किरण सातपुते, निहारिका गावंडे, रोशनी पवार, सानिया खान, गीतिका साहू, चंचल इंगले को आमंत्रित अतिथियों द्वारा लैपटॉप प्रदान कर उनके उज्जव भविष्य की शुभकामनाऐं प्रदान की गई