लोकल. तेज. भरोसेमंद खबरें इट्स बैतूल टाइम्स | बैतूल जिले की ताजा अपडेट
--:--:--
ताज़ा खबर बैतूल समाचार जिले और आसपास की सबसे तेज व सत्यापित अपडेट

Who is Sneha Dubey, sneha Dubey Kon Hai, स्नेहा दुबे कौन हैं

Who is Sneha Dubey, sneha Dubey Kon Hai, स्नेहा दुबे कौन हैं

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में भारत की प्रथम सचिव स्नेहा दुबे ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इमरान के भाषण पर राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए कड़ा जवाब दिया, जिसके बाद वह सुर्खियां बटोर रहीं हैं। लोगों ने इंटरनेट पर जाकर इस महिला अधिकारी के बारे में जानना शुरू कर दिया है। बता दें कि स्नेहा दुबे ने वर्ष 2011 में पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास की। वह गोवा में पली-बढ़ी और अपने बचपन का अधिकांश समय वहीं बिताया। स्नेहा ने पुणे के फर्ग्यूसन कालेज से स्नातक करने के बाद नई दिल्ली के जवाहरलाल विश्वविद्यालय (जेएनयू) से भूगोल में परास्नातक किया।

स्नेहा दुबे के बारे में

स्नेहा को भारतीय विदेश सेवा में शामिल होने का बहुत शौक था, चूंकि उनकी अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में रुचि थी, इसलिए दुबे ने दिल्ली के जेएनयू में स्कूल आफ इंटरनेशनल स्टडीज से एमफिल की पढ़ाई पूरी की। घूमने-फिरने की शौकीन स्नेहा का मानना है कि आईएफएस बनने से उन्हें देश का प्रतिनिधित्व करने का बेहतरीन मौका मिला है। इंटरनेशनल सर्विस के लिए चुने जाने के बाद स्नेहा दुबे की पहली नियुक्ति विदेश मंत्रालय में हुई थी। फिर अगस्त 2014 में, उन्हें मैड्रिड में भारतीय दूतावास में नियुक्त किया गया।

इमरान खान का बयान

पाकिस्तान भारत के साथ शांति चाहता है। दक्षिण एशिया में स्थायी शांति जम्मू-कश्मीर विवाद के समाधान पर निर्भर है। पाकिस्तान के साथ सार्थक और परिणामोन्मुखी जुड़ाव के लिए अनुकूल माहौल बनाने की जिम्मेदारी भारत पर बनी हुई है।

दुबे बोलीं, पाक प्रधानमंत्री हमारे आंतरिक मामलों को लाकर वैश्विक मंच का दुरुपयोग कर रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा थे, हैं और रहेंगे। इसमें वे क्षेत्र शामिल हैं जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे में हैं। हम पाकिस्तान से अपने अवैध कब्जे वाले सभी क्षेत्रों को तुरंत खाली करने का आह्वान करते हैं।

स्नेहा दुबे ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में  क्या कहा

उन्होंने कहा, 'सदस्य देश इस बात से अवगत हैं कि पाकिस्तान का आतंकवादियों को पनाह देने, सहायता करने और सक्रिय रूप से समर्थन देने की नीति का इतिहास रहा है। यह एक ऐसा देश है जिसे विश्व स्तर पर राज्य की नीति के रूप में आतंकवादियों का समर्थन, प्रशिक्षण, वित्तपोषण और हथियार देने के रूप में मान्यता दी गई है। इसके साथ ही पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों की सबसे बड़ी संख्या की मेजबानी करने का अपमानजनक रिकार्ड भी रखता है।'