पुजारा ओर के एल राहुल टीम में होते तो आज यशस्वी जयसवाल को हम 171 रन करने की जगह खिलाड़ियों को पानी पिलाते देखते।सेलेक्टर्स फॉर्म नहीं शक्ल देखकर टीम सेलेक्शन करते हैं।दुनियां में शतक बनाने के मामले में सचिन के बाद दूसरे बल्लेबाज ओर दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली को भी अपने पहले एकदिवसीय मैच खेलने के तीन साल बाद टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला था।यह तो यशस्वी जयसवाल की किस्मत अच्छी थी कि लगातार फ्लॉप होने कि अति होने पर पुजारा ओर राहुल को न चाहते हुए भी बाहर बिठाना पड़ा और उन्हें मौका मिला।दूसरी अच्छी बात यह कि यशस्वी को आईपीएल की शानदार फॉर्म के बाद T20 खिलाड़ी होने का ठप्पा नहीं लगाया गया।यशस्वी ने आईपीएल की शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए टेस्ट मैचों में उस फॉर्म को जारी रखा है।पोस्ट लिखे जाते समय वो टेस्ट मैचों में शतक के साथ पर्दापण करने वाले भारतीय टीम के तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं।बर्षों बाद टीम इंडिया को रेगुलर ओपनर मिला है वरना मेक शिफ्ट ओपनर्स से काम चलाना पड़ रहा था।यशस्वी के ओपनिंग करने के बजह से शुभमन गिल अपने फेबरेट नम्बर दो स्लॉट पर चले गए हैं जिससे टीम कॉम्बिनेशन बढ़िया हो गया है।
