मुख्य बिंदु (Key Highlights)
पदभार ग्रहण: प्रहलाद जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार संभाला।
पहला बयान: शिक्षा को अपने लिए "नया विषय" बताते हुए उन्होंने समीक्षा शुरू करने की बात कही।
पृष्ठभूमि: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद यह बदलाव हुआ।
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने रविवार को आधिकारिक तौर पर शिक्षा मंत्री (Union Education Minister) के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करने और प्रहलाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपने के ठीक एक दिन बाद उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली है।
पदभार संभालने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए प्रहलाद जोशी ने कहा कि वह मंत्रालय के कामकाज की समीक्षा कर रहे हैं और विभाग की बारीकियों को समझने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि शिक्षा उनके लिए "एक नया विषय" है।
"मंत्रालय को समझने में लगेगा थोड़ा समय"
मीडियाकर्मियों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा:
"यह मेरे लिए एक नया विषय है। मैं फिलहाल मंत्रालय के कामकाज, प्राथमिकताओं और चल रही योजनाओं की समीक्षा कर रहा हूँ। पूरे विभाग और इसकी कार्यप्रणाली को ठीक से समझने में थोड़ा समय लगेगा।"
क्यों हुआ बदलाव?
धर्मेंद्र प्रधान द्वारा शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद केंद्र सरकार ने प्रहलाद जोशी को यह अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। पिछले कुछ समय से देश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों को लेकर शिक्षा मंत्रालय लगातार चर्चा में रहा है।
ऐसे में प्रहलाद जोशी के सामने शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता बनाए रखने और नई शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने की बड़ी चुनौती होगी।
