Hindi Diwas 2021: 14 सितंबर का दिन हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है। हिन्दी दिवस को पूरे एक हफ्ते तक सेलिब्रेट किया जाता है।हिन्दी दुनिया में बोली जाने वाली भाषाओं में तीसरे नंबर पर है। दुनिया में 55 करोड़ लोग इस भाषा को समझते हैं, जबकि भारत में 45 करोड़ नागरिकों की बातचीत का जरिया हिन्दी भाषा है। 14 सितंबर को 1949 को हिंदी को राजभाषा बनाया गया लेकिन गैर हिंदी राज्यों ने इसका विरोध किया जिसकी वजह से अंग्रेजी को हिन्दी की जगह दी गई। तब से लेकर आज तक हिंदी के महत्व को बढ़ाने के लिए हिंदी दिवस मनाया जाता है।
History of Hindi Diwas ( हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है )
साल 1946 में आजादी के बाद जब संविधान सभा के सामने राष्ट्रभाषा का सवाल खड़ा हुआ, तब संविधान निर्माताओं के सामने हिंदी ही सबसे बेहतर विकल्प के रूप में सामने आई। हालांकि हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाए जाने पर कुछ लोग इसके विरोध में भी थे। तब हिंदी और इंग्लिश दोनों को आधिकारिक भाषा चुना गया। इसके बाद संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा घोषित किया। वहीं राष्ट्रभाषा प्रचार समिति की सिफारिश के बाद से 14 सितंबर 1953 से हिंदी दिवस मनाया जाने लगा। आपको बता दें पूरी दुनिया में विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी को मनाया जाता है।
हिंदी दिवस का महत्व
हिंदी दिवस को स्कूल, कॉलेजों और कार्यालयों के साथ साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी मनाया जाता है। इस दिन साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस अवसर पर छात्रों को हिंदी भाषा के महत्व और इतिहास के बारे में बताया जाता है। हिंदी दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति उन सभी लोगों को सम्मानित करते हैं जिन्होंने हिंदी भाषा के किसी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त की है।
हिंदी भाषा का इतिहास कई सालों पुराना है। हिंदी का इतिहास इंडो-यूरोपीय भाषा के समूह के इंडो-आर्यन डिवीजन से संबंधित है। कहा जाता है कि हिंदी की उत्पत्ति संस्कृत से हुई है। भारत में सैकड़ों भाषाएं और बोलियां बोली जाती हैं। 1945 में आजादी के बाद देश में सबसे बड़ा सवाल भाषा को लेकर था। लेकिन भारत की संविधान सभा ने 6 दिसंबर 1946 को भारत का संविधान लिखने के लिए हिंदी भाषा को चुना।