मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। सात जन्मों तक साथ निभाने का वचन देने वाला पति ही अपनी पत्नी का कातिल बन बैठा। घरेलू विवाद के चलते उसने पत्नी की पत्थरों से कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था, लेकिन बैतूल बाजार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना बैतूल बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम गांढवा की है। 19 अप्रैल को बिमला बाई चढ़ोकर ने पुलिस को सूचना दी कि उनकी बेटी बाली बाई सुबह ताप्ती नदी पर कपड़े धोने और नहाने गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
इसी बीच गांव के एक व्यक्ति ने बताया कि नदी किनारे बाली बाई की चप्पल और कपड़े पड़े हैं। जब परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और आसपास खोजबीन की, तो उनका शव ताप्ती नदी में पानी के अंदर मिला।
जांच में सामने आया हत्या का मामला
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाकर जांच शुरू की। जांच के दौरान बाली बाई के सिर के पीछे गहरी चोट के निशान मिले, जिससे पुलिस को हत्या का संदेह हुआ।
परिजनों ने मृतका के पति मोंगिया जावरकर पर शक जताया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सिर पर गंभीर चोट के कारण मौत की पुष्टि हो गई, जिससे हत्या की आशंका पुख्ता हो गई।
आरोपी पर था इनाम, आखिरकार गिरफ्तारी
घटना के बाद से ही आरोपी पति फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। लगातार तलाश के बाद 26 अप्रैल को पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी मोंगिया ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि घरेलू विवाद के चलते उसने गुस्से में आकर पत्थर से वार कर अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी और फिर मौके से फरार हो गया।
मां ने मांगी सख्त सजा
मृतका की मां बिमला बाई ने बताया कि उनकी बेटी काफी समय से मायके में रह रही थी। उसका पति उसे प्रताड़ित करता था और दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं था कि उनका दामाद इतना बड़ा कदम उठा लेगा।
उन्होंने पुलिस और प्रशासन से आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जहां से उसे रिमांड पर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि घरेलू विवाद अगर समय रहते नहीं सुलझाए जाएं, तो वे किस तरह खौफनाक रूप ले सकते हैं।
