यह नोटिस वार्ड क्रमांक 1, शिवाजी वार्ड स्थित मोक्षधाम मार्ग पर किए गए एक भवन निर्माण को लेकर दिया गया है। नगर परिषद का कहना है कि यह निर्माण बिना किसी अनुमति के किया गया है। परिषद के अनुसार संबंधित विभाग ने भवन निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली, जो कि मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 का उल्लंघन है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में बिजली विभाग को 7 दिनों के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि यदि निर्माण के लिए वैध अनुमति ली गई है, तो उसकी प्रमाणित प्रति प्रस्तुत की जाए। अन्यथा अवैध निर्माण को हटाने या गिराने की कार्रवाई की जाएगी।
नगर परिषद ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई होती है, तो उसमें आने वाला पूरा खर्च—जिसमें मजदूरी और मशीनरी शामिल होगी—संबंधित विभाग से वसूला जाएगा।
अवैध निर्माण पर सख्ती
नगर परिषद की इस कार्रवाई को शहर में अवैध निर्माण पर रोक लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। परिषद ने संकेत दिए हैं कि आगे भी बिना अनुमति निर्माण करने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
हालांकि इस मामले में बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। अब देखना होगा कि विभाग इस नोटिस पर क्या जवाब देता है, या फिर नगर परिषद आगे बढ़कर बुलडोजर कार्रवाई करती है।
