Vivo S2 Review in Hindi

2019 में ओरिजिनल Vivo S1 ने अपने शानदार लुक और बजट-फ्रेंडली कीमत के कारण भारतीय बाज़ार में खूब सुर्खियां बटोरी थीं। अब 7 साल बाद, Vivo उसी शानदार लिगेसी को Vivo S2 के साथ वापस लेकर आया है। 

आज के समय में जहाँ भीड़भाड़ वाले मिड-रेंज मार्केट में कई फोंस बड़ी बैटरी देने के चक्कर में डिस्प्ले या परफॉरमेंस से समझौता कर लेते हैं, वहीं Vivo ने एक बिल्कुल अलग रास्ता चुना है।

मैंने पिछले दो हफ्तों तक Vivo S2 को अपने प्राइमरी फोन (डेली ड्राइवर) के तौर पर इस्तेमाल किया। आइए जानते हैं कि क्या यह फोन आपकी उम्मीदों पर खरा उतरता है।

फीचर्स (Features)स्पेसिफिकेशन्स (Specifications)
डिस्प्ले6.83-इंच 1.5K 3D कर्व्ड AMOLED (120Hz)
प्रोसेसरMediaTek Dimensity 7360-Turbo
रैम और स्टोरेज8GB RAM + 128GB / 256GB (UFS 3.1)
रियर कैमरा50MP (Sony IMX852) + 2MP
फ्रंट कैमरा32MP
बैटरी और चार्जिंग7,050mAh बैटरी, 44W फ्लैशचार्ज
कीमत (Price in India)Rs 39,999 (128GB) / Rs 44,999 (256GB)

डिज़ाइन और टिकाऊपन (Design & Build Quality)

जब आप पहली बार Vivo S2 को हाथ में लेते हैं, तो इसका वजन और बनावट आपको हैरान कर देती है। 7,050mAh की भारी-भरकम बैटरी होने के बावजूद यह फोन काफी स्लिम है।

  • वजन और स्लिमनेस: Silk White वैरिएंट का वजन सिर्फ 199 ग्राम और मोटाई 8.10mm है। अगर आप Sapphire Blue या Regal Bronze लेते हैं, तो यह और भी पतला (7.99mm) और हल्का (197 ग्राम) महसूस होता है।

  • प्रीमियम लुक: इसके बैक पैनल पर सॉफ्ट-टच सैटिन ग्लास दिया गया है, जिस पर उंगलियों के निशान (fingerprints) आसानी से नहीं छपते।

  • ऑडियो और पोर्ट्स: नीचे की तरफ सिम ट्रे, USB-C पोर्ट और प्राइमरी स्पीकर है। ऊपर की तरफ IR ब्लास्टर और सेकेंडरी स्पीकर दिया गया है। इसकी आवाज़ वीडियो देखने के लिए काफी तेज़ और साफ है।

  • मजबूती: यह फोन MIL-STD-810H शॉक रेजिस्टेंस के साथ आता है। साथ ही इसमें पानी और धूल से बचाव के लिए IP68 और IP69 दोनों रेटिंग दी गई हैं, जो इस सेगमेंट में एक बहुत बड़ा प्लस पॉइंट है।

डिस्प्ले का बेहतरीन अनुभव (Display Performance)

आजकल ज्यादातर ब्रांड्स फ्लैट डिस्प्ले की तरफ लौट रहे हैं, लेकिन Vivo ने जानबूझकर अपने 6.83-इंच के 1.5K AMOLED पैनल में 3D कर्व्ड ग्लास को बरकरार रखा है, ताकि फोन पकड़ने में ज्यादा प्रीमियम लगे।

  • विजुअल क्वालिटी: 2800 × 1260 के रेजोल्यूशन और 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ, टेक्स्ट एकदम साफ दिखता है और कलर्स बहुत ही वाइब्रेंट आते हैं। Netflix और YouTube पर HDR सपोर्ट शानदार काम करता है।

  • कमाल की ब्राइटनेस: इस डिस्प्ले की पीक HDR ब्राइटनेस 3,000 निट्स और HBM 2,000 निट्स है। मैंने इसे ग्रेटर नोएडा की तेज धूप में नेविगेशन के लिए इस्तेमाल किया, और स्क्रीन देखने में मुझे कोई परेशानी नहीं हुई।

  • आई कम्फर्ट: रात में पढ़ते समय आंखों को चुभने वाली रोशनी से बचाने के लिए इसमें SGS आई-कम्फर्ट सर्टिफिकेशन दिया गया है।

कैमरा और फोटोग्राफी (Camera Setup)

Vivo हमेशा से ही अपने बेहतरीन कैमरा फोंस के लिए जाना जाता है और S2 भी निराश नहीं करता।

  • रियर कैमरा: पीछे की तरफ 50MP Sony IMX852 प्राइमरी सेंसर है। दिन की रोशनी में फोटोज बहुत ही शार्प और नेचुरल कलर्स के साथ आती हैं।

  • Aura Light का जादू: लो-लाइट फोटोग्राफी में इसका 'Aura Light' रिंग कमाल करता है। यह आम फ्लैश की तरह चेहरे पर तेज रोशनी नहीं फेंकता, बल्कि एक सॉफ्ट स्टूडियो लाइट की तरह काम करता है जिसे आप अपनी जरूरत के हिसाब से एडजस्ट कर सकते हैं।

  • सेल्फी और वीडियो: 32MP का फ्रंट कैमरा बेहतरीन स्किन टोन के साथ शानदार सेल्फी लेता है। वीडियो के मामले में दोनों (फ्रंट और रियर) कैमरे 4K (30fps) सपोर्ट करते हैं, हालांकि चलते हुए वीडियो बनाने पर फ्रंट कैमरे में स्टेबिलाइजेशन की थोड़ी कमी महसूस होती है।

प्रोसेसर और गेमिंग (Performance & Gaming)

यह फोन MediaTek Dimensity 7360-Turbo चिपसेट के साथ आता है।

  • डेली यूसेज: AnTuTu स्कोर करीब 9,65,906 है। ये नंबर्स भले ही रिकॉर्ड तोड़ने वाले न हों, लेकिन असल जिंदगी में यह फोन बिना किसी लैग या हैंग हुए स्मूथ चलता है। मल्टीटास्किंग के दौरान ऐप्स आसानी से खुले रहते हैं।

  • गेमिंग और हीटिंग: BGMI और Call of Duty: Mobile जैसे गेम्स 90fps पर बहुत अच्छे चलते हैं। सबसे अच्छी बात इसका हीट मैनेजमेंट है—दो घंटे लगातार गेम खेलने के बाद भी इसका बैक पैनल सिर्फ हल्का सा ही गर्म हुआ।

सॉफ्टवेयर और लेटेस्ट AI फीचर्स (Software & AI)

Vivo S2 बॉक्स से ही Android 16 पर आधारित OriginOS 6 के साथ आता है। कंपनी ने इसमें 3 साल के मेजर OS अपग्रेड और 5 साल के सिक्योरिटी अपडेट्स का वादा किया है।

  • Origin Island: फ्रंट कैमरा कटआउट के पास एक इंटरएक्टिव एरिया है (Apple के डायनामिक आइलैंड की तरह) जो नोटिफिकेशन, बैटरी चार्जिंग और मीडिया कंट्रोल्स दिखाता है।

  • AI फीचर्स: गैलरी ऐप में 'AI Erase' की मदद से आप बैकग्राउंड से अनजान लोगों या चीजों को चुटकियों में हटा सकते हैं। 'Circle to Search' और 'Google Gemini' का रियल-टाइम इंटीग्रेशन इस फोन को और भी स्मार्ट बनाते हैं।

  • (ध्यान दें: फोन में अभी भी कुछ प्री-इन्स्टॉल्ड ब्लॉटवेयर ऐप्स मिलते हैं, जिन्हें आपको मैन्युअली डिलीट करना होगा।)

बैटरी लाइफ और चार्जिंग (Battery Endurance)

Vivo S2 की सबसे बड़ी खासियत इसकी बैटरी है। 8.10mm की पतली बॉडी में 7,050mAh की बैटरी फिट करना एक इंजीनियरिंग कमाल है।

  • बैटरी बैकअप: मेरे हेवी यूसेज (कैमरा, नेविगेशन, गेमिंग और सोशल मीडिया) के बावजूद इस फोन ने सिंगल चार्ज पर आसानी से लगभग 2 दिन का बैकअप दिया। एक घंटे गेमिंग करने पर भी बैटरी सिर्फ 9% ही गिरी।

  • चार्जिंग स्पीड: बॉक्स में मिलने वाले 44W के फ्लैशचार्जर से यह बड़ी बैटरी 0 से 100% तक चार्ज होने में लगभग 1 घंटा 10 मिनट का समय लेती है।

  • इसमें बायपास चार्जिंग (Bypass Charging) का सपोर्ट भी है, जो गेमिंग के दौरान सीधा फोन को पावर देता है ताकि बैटरी गर्म न हो।

हमारा फैसला: क्या आपको Vivo S2 खरीदना चाहिए? (Final Verdict)

Vivo S2 उन लोगों के लिए नहीं है जो सिर्फ बेंचमार्क स्कोर्स (AnTuTu नंबर्स) के पीछे भागते हैं। इसके बजाय, यह उन लोगों के लिए एक परफेक्ट डिवाइस है जो अपनी डेली लाइफ में एक भरोसेमंद फोन चाहते हैं।

इसकी कीमत Rs 39,999 से शुरू होती है। इस प्राइस सेगमेंट में मुकाबला बहुत कड़ा है, लेकिन अगर आपकी पहली पसंद शानदार बैटरी बैकअप, न गर्म होने वाला स्लिम डिज़ाइन, IP68/IP69 की मजबूती और एक बेहतरीन डिस्प्ले है, तो Vivo S2 को आपको अपनी लिस्ट में सबसे ऊपर रखना चाहिए।