लंबे समय के इंतजार के बाद आखिरकार बादलों ने अपना रुख मध्य प्रदेश की ओर कर ही लिया जिससे किसानों को थोड़ी राहत मिली है।
रविवार को दिन में कहीं कहीं तो कुछ इलाकों में शाम को तेज आंधी के साथ बारिश हुई| बारिश एक तरफ किसानों के लिए वरदान साबित हुई है तो वहीं दूसरी ओर लोगों को बारिश के कारण मुसीबतों का सामना भी करना पड़ा है इसी प्रकार यह घटना रतलाम जिले के ग्राम हतनारा में बिजली गिरने से राधाबाई पति पवन पाटीदार निवासी ग्राम हतनारा की मौत हो गई। राधाबाई दोपहर करीब साढ़े तीन बजे सास सीताबाई के साथ खेत पर काम कर रही थी। तभी राधाबाई पर बिजली गिरी, जिससे वह अचैत हो गई। जिला अस्पताल लाने पर उन्हें डॉक्टर ने मृत घोषित किया। वहीं जैन तीर्थ नागेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर परिसर में भी बिजली गिरी। इससे पेड़ों पर बैठे अनेक पक्षियों की मौत हो गई।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पिछले दिनों दक्षिणी छत्तीसगढ़ पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ था। इस सिस्टम के असर से मप्र के अनेक स्थानों पर दो-तीन दिन तक अच्छी बारिश हुई। इस सिस्टम के आगे बढ़कर मप्र में थमने की उम्मीद थी, लेकिन यह सिस्टम तेजी से आगे बढ़कर उत्तर-मध्य महाराष्ट्र में पहुंच गया है।इससे फिलहाल मप्र में अच्छी बारिश की संभावना क्षीण हो गई है। लेकिन इस सिस्टम के प्रभाव से गुजरात से लगे मप्र के इंदौर और उज्जैन संभाग के क्षेत्रों में तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। प्रदेश के शेष स्थानों पर स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।
रविवार को दिन में कहीं कहीं तो कुछ इलाकों में शाम को तेज आंधी के साथ बारिश हुई| बारिश एक तरफ किसानों के लिए वरदान साबित हुई है तो वहीं दूसरी ओर लोगों को बारिश के कारण मुसीबतों का सामना भी करना पड़ा है इसी प्रकार यह घटना रतलाम जिले के ग्राम हतनारा में बिजली गिरने से राधाबाई पति पवन पाटीदार निवासी ग्राम हतनारा की मौत हो गई। राधाबाई दोपहर करीब साढ़े तीन बजे सास सीताबाई के साथ खेत पर काम कर रही थी। तभी राधाबाई पर बिजली गिरी, जिससे वह अचैत हो गई। जिला अस्पताल लाने पर उन्हें डॉक्टर ने मृत घोषित किया। वहीं जैन तीर्थ नागेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर परिसर में भी बिजली गिरी। इससे पेड़ों पर बैठे अनेक पक्षियों की मौत हो गई।
हो सकती है तेज बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पिछले दिनों दक्षिणी छत्तीसगढ़ पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ था। इस सिस्टम के असर से मप्र के अनेक स्थानों पर दो-तीन दिन तक अच्छी बारिश हुई। इस सिस्टम के आगे बढ़कर मप्र में थमने की उम्मीद थी, लेकिन यह सिस्टम तेजी से आगे बढ़कर उत्तर-मध्य महाराष्ट्र में पहुंच गया है।इससे फिलहाल मप्र में अच्छी बारिश की संभावना क्षीण हो गई है। लेकिन इस सिस्टम के प्रभाव से गुजरात से लगे मप्र के इंदौर और उज्जैन संभाग के क्षेत्रों में तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। प्रदेश के शेष स्थानों पर स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।
