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बैतूल कोरोना के संदिग्ध मरीजों के भेजे गए सैंपलों की चौथे दिन भी रिपोर्ट नहीं आई

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बैतूल - भैंसदेही के कोरोना के पॉजिटिव पाए गए मरीज के तीसरे सैंपल और कोटा से लौटे कुछ छात्र-छात्राओं के सैंपल की रिपोर्ट भी शामिल हैं। इससे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ गई है। जिले से अभी तक कुल 211 सैंपल भिजवाए गए थे। इनमें से 152 की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जिनमें से केवल एक ही पॉजिटिव आई। भेजे गए 211 सैंपल 197 लोगों के हैं और 14 लोगों के रिपीट सैंपल भेजे गए हैं। विदेश भ्रमण से आए 152 और अन्य प्रदेशों या जिलों से आए 34236 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इसके साथ ही होम क्वारंटाइन कराए गए विदेश से आए सभी 152 लोगों ने और अन्य प्रदेशों व जिलों से आए 28133 में से 24913 लोगों ने क्वारंटाइन अवधि पूरी कर ली है।

मध्यप्रदेश समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूँ का वैज्ञानिक तरीके से भंडारण करने में देश का अग्रणी राज्य बना

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वैज्ञानिक तरीके से गेहूँ भंडारण में अग्रणी राज्य बना मध्यप्रदेश: -मध्यप्रदेश  समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूँ का वैज्ञानिक तरीके से भंडारण करने में देश का अग्रणी राज्य बन गया है।  प्रदेश की 289 सहकारी समितियों के 1 लाख 81 हजार से अधिक किसानों से उपार्जित 11 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का भंडारण 25 साईलो बैग और स्टील साइलो में किया जा रहा है। प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्री शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि साइल बैग ओर स्टील साईलो खाद्यान्न भंडारण की आधुनिकतम तकनीकी है। इस तकनीकी में खाद्यान्न को सुरक्षित रखने के लिए कीटनाशक औषधियों के उपयोग की आवश्यकता नहीं होती। इसमें गेहूँ बिना कीटनाशक के उपयोग के भी लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन द्वारा सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ भोपाल, सीहोर, विदिशा, होशंगाबाद, नागौद, सतना, हरदा, उज्जैन और देवास में 50-50 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले स्टील साइलो केन्द्र स्थापित किए गए हैं। इनकी कुल भंडारण क्षमता साढ़े चार लाख मीट्रिक टन है। इसी प्र...

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 4.91 करोड़ किसानों के अकाउंट में 2000-2000 रुपये भेज दिए गए हैं.

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पीएम फसल बीमा योजना के तहत 1,000 करोड़ के दावों का भुगतान 4.91 करोड़ किसानों के खाते में डाली गई 2-2 हजार रुपये की किस्त कोरोना वायरस की वजह से पूरे देश में लॉकडाउन है और इस दौरान किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत 1,000 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया है. यह फंड केंद्र की ओर से विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के किसानों दिया गया है. इन राज्यों के किसानों को मिल फसल बीमा का पैसा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 462.24 करोड़ रुपये, हरियाणा में 26.08 करोड़ रुपये, जम्मू-कश्मीर में 14.71 करोड़ रुपये, राजस्थान में 327.67 करोड़ रुपये, कर्नाटक में 75.76 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश में 17.90 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र में 21.06 करोड़ रुपये दिए गए. इसके अलावा तमिलनाडु में 21.17 करोड़ रुपये, उत्तर प्रदेश में 41.08 करोड़ रुपये और तेलंगाना में 0.31 करोड़ रुपये समेत देशभर में कुल 1,008 करोड़ रुपये का भुगतान लॉकडाउन के दौरान पीएमएफबीवाई के तहत किए गए दावों के तौर पर किया गया है. किसा...